सिलसिला टूटा तो बनकर दास्ताँ रह जाएगा ख्वाहिशों का मिटके भी कुछ तो निशाँ रह जाएगा हाँ, मैं तुझसे हूँ, मगर मेरा भी है अपना वजूद पत्ते गिर जायेंगे तो, साया कहाँ रह जाएगा दर्द की खातिर है दिल, और…

सिलसिला टूटा तो बनकर दास्ताँ रह जाएगा

ख्वाहिशों का मिटके भी कुछ तो निशाँ रह जाएगा

हाँ, मैं तुझसे हूँ, मगर मेरा भी है अपना वजूद

पत्ते गिर जायेंगे तो, साया कहाँ रह जाएगा

दर्द की खातिर है दिल, और दिल की खातिर दर्द है

दर्द से खाली हुआ तो, दिल कहाँ रह जाएगा

टूटकर गिरते रहे यूँ ही, जो मेरे बाद भी

चाँद तारों को तरसता आसमां रह जाएगा

मैं तेरा अपना ही हूँ , इस बात का 'शाहिद' यहाँ

तेरे कूचे में मेरा , खाली मकां रह जाएगा

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Comment by Dhrub Kumar on February 13, 2010 at 12:42pm
Jab tak chaha tab tak khela jab chaha tab chhor diay yek dhanman ki beti ne nirdhan ka daman chor diya

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