केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को चुनौती देना हाथी से टकराने जैसा है काम है। खुर्शीद केजरीवाल के उस बयान का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि देह…

केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी को चुनौती देना हाथी से टकराने जैसा है काम है। खुर्शीद केजरीवाल के उस बयान का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि देहरादून में अन्ना की रैली में बड़ी संख्या में लोग जुटे थे, जबकि उसी समय पास में ही राहुल गांधी की रैली में बहुत ही कम लोग शामिल हुए थे। खुर्शीद ने कहा कि जिस तरह का लोकपाल टीम अन्ना चाहती है, उससे आम जनता को ही परेशानी होगी। इस बीच, कांग्रेसी सांसद विजय दर्डा के नरेंद्र मोदी को 'शेर' बताए जाने और मोदी के साथ बाबा रामदेव के मंच साझा करने पर टीम अन्ना भड़क गई है। टीम अन्ना ने मोदी पर हमला बोलते हुए मानवता का दुश्मन बताया है। साथ ही टीम ने नरेंद्र मोदी को गुजरात का 'गौरव' बताने वाले बाबा रामदेव से उनके रुख के बारे में पूछने का फैसला किया है। इस बीच, अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया और गोपाल राय का अनशन रविवार को पांचवें दिन भी जारी है। जंतर-मंतर पर आज बड़ी तादाद में लोग मौजूद हैं। एक अंदाजे के मुताबिक करीब 5 से 6 हजार लोग वहां मौजूद हैं। भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम अन्ना को पुलिस से संसद मार्ग वाले गेट को बंद करने की गुजारिश करनी पड़ी। वहीं, मुंबबई में भी रविवार को अन्ना समर्थक बड़ी तादाद में सड़कों पर उतरे और आज़ाद मैदान तक रैली निकाली। बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने भी अन्ना का समर्थन किया है। 25 जुलाई से अनशन कर रहे 15 लोगों को रविवार की सुबह अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा। वहीं, चेन्नई में पी. चिदंबरम के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। जंतर मंतर पहुंचने से पहले महाराष्ट्र सदन से निकलते वक्त रविवार को पत्रकारों से बातचीत में अन्ना ने कहा, 'सरकार कह रही है कि हमारा आंदोलन भटक रहा है लेकिन अब जनता को यह आभास हो गया है कि सरकार ही भटक रही है। सरकार कहती है कि हम संविधान से अलग जा रहे हैं। लेकिन क्या सरकार संविधान का पालन कर रही है? आजादी के इतने साल बीत जाने के बाद भी लाखों लोगों को खाने के लिए नहीं मिल रहा है और कई लोगों के पास बेशुमार दौलत है।' प्रधानमंत्री के घर के बाहर सड़क पर कोयले से 'चोर' लिखे जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए अन्ना ने कहा कि बुराई को सहन करते-करते कई लोगों को गुस्सा आ जाता है तो वो ऐसा कर देते हैं, लेकिन मैं इसे सही नहीं मानता। समाज हमारी ओर देख रहा है इसलिए हमें थोड़ा सहज रहना चाहिए। लोकपाल की मांग पर अन्ना ने कहा कि हमारी टीम हो या हम हों हमारी मुख्य मांग लोकपाल है, लेकिन मंत्रियों के भ्रष्टाचार का मुद्दा इसलिए आया है क्योंकि पिछले ढेड़ साल से आंदोलन चल रहा है लेकिन सरकार बार बार धोखा दे रही है। अब हमें लगता है कि ये 15 भ्रष्ट मंत्री जब तक सरकार में रहेंगे तब तक लोकपाल नहीं आने देंगे। आज न वो एसआईटी बैठाना चाहते हैं और न ही इन भ्रष्ट मंत्रियों पर कार्रवाई करना चाहते हैं। अगर सरकार को लगता है कि हम भटक गए हैं तो पहले लोकपाल ले आए उसके बाद में मंत्रियों की जांच करवा ले

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Comment by ajit sarthi on August 4, 2012 at 5:58am

all those who want to fight against corruption must understand that corruption is the creation of the present day electoral system. huge amounts of money is required for government formation and which comes by way of investment. hence we need to change this election system to a Penniless Election system.

Anna or Team Anna or Ramdev do not want this. Ramdev has a lot of money... so has Team Anna which has the backing of CIA... and all those who doubt me have to wait for a few years to come to this realization...!

only jokers can believe that Corruption can be ended in this Election System of Government formation.

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