हे बबुनी/हे बबुआ...

लड़का: हे बबुनी हमका देखात बी घाटा॥
नाहक करा हमसे शादी कय वादा॥
खुश खुस खात बाटी करली पढाई॥
मनवा कय सुन्दरता जाय न छिपाई॥
गटई म काहे बांधी तुर्क माटा॥
हे बबुनी ....................................
माई बाप आँस pochhay आवे जब रोवाई॥
चिंता कय आग काहे देहिया माँ लगाई॥
रहवे कुवारा तव न जाब सांटा॥
हे बबुनी......................
औबू जब घरवा तो खीच खांच होए॥
दुई साल म लरिका ४ ठौर रोये॥
जान गए जीवन कय घटिया tamaachaa॥
हे बबुनी......................

लड़की॥
हे बबुआ हमका देखात बी घाटा॥
नाहक करा हमसे शादी कय वादा॥
चिल-बिल चिरैया जैसे घरवा म चमकी॥
अंगना दुवारी चारो जून गम्की॥
हमके न दिखावा प्यार कय लिफाफा॥
हे बबुआ।
घरवा के लोग ky अहि आँख पुतरी॥
पापा बले खाए जा नही hoboo सुतारी॥
हमें न दिखावा वनारस कय ढाबा॥
हे बबुआ॥
माई के ममता से रूपवा सलोनो॥
चारो जूनी माई उतारे रोज़ टोना॥
हमना पकड़बय चदरिया कय कोना॥
हे बबुआ...

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