Ravindra yadav's Blog (6)

बिहार सरकार के माफियाओं का मिडिया मैनेजमेंट !!!

अगर आप बिहार से बाहर हैं तो इस बात की पूरी आशंका है कि अररिया के फारबिसगंज में हुए पुलिसिया हत्याकांड के बारे में नहीं जानते। अगर आप पटना में हैं तो भी यह शायद आपके लिए बड़ी खबर नहीं होगी। राज्य के हिला दे, ऐसी बड़ी खबर तो आप इसे नहीं ही मानते होंगे। ऐसा क्यों हुआ होगा, जानने के लिए नीचे का ब्यौरा गौर से पढ़ें।





नीचे की लिस्ट में पहली एंट्री तारीख है, दूसरी तीसरी और चौथी एंट्री पहले पेज की तीन बड़े खबरों के बारे में हैं और आखिरी एट्री पहले पेज पर फारबिसगंज कांड की रिपोर्टिंग… Continue

Added by ravindra yadav on June 13, 2011 at 3:35pm — 14 Comments

'15 महिलाओं से सेक्स किया पर नाम याद नहीं'

पिछले साल 3 मार्च को सेक्स स्कैंडल के खुलासे के बाद से ही चर्चाओं में रहे दक्षिण के प्रसिद्ध धर्मगुरु स्वामी नित्यानंद के बारे में एक और खुलासा हुआ है।



नित्यानंद सेक्स स्कैंडल की जांच कर रही सीआईडी टीम के सामने पूछताछ में बाबा ने स्वीकार किया है कि वो नामर्द नहीं है। इससे पहले नित्यानंद ने…

Continue

Added by ravindra yadav on March 12, 2011 at 4:00pm — 10 Comments

रामदेव के साथ अब बेईमान भारत : चिन्‍मयानंद

परमार्थ आश्रम हरिद्वार के परमाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद स्वामी चिन्मयानंद महाराज का मानना है कि भारत की जनता बाबा रामदेव को अपने नेता के रूप में न कभी स्वीकार कर सकती है, न उन्हें किसी तरह का राजनीतिक क़द प्राप्त हो सकता है. इसके पहले भी एक देव ने राजनीति में आने का दिवास्वप्न देखा था, वह जयगुरुदेव थे. उनका क्या…

Continue

Added by ravindra yadav on March 6, 2011 at 4:36pm — 1 Comment

बाबा रामदेव की सालाना आमदनी ४०० करोड रूपये !!!!!

योगसूत्र में योग के क्रियात्मक पक्ष की चर्चा की गई है। यह यौगिक क्रिया ध्यान लगाने की औपचारिक कला, मानव का आंतरिक स्थिति में परिवर्तन लाने, और मानव चेतना को पूर्ण रूप से अंतर्मुखी बनाने से संबद्ध थीं।



ए.ई.गौफ ने ‘फिलासफी ऑफ दि उपनिषदाज (१८८२) में लिखा…

Continue

Added by ravindra yadav on February 22, 2011 at 3:00pm — 84 Comments

ओम शिव रूप डंडानि नमो नमः/ सर्वोपरि हथकंडानि नमो नमः’

(कुछ लोगों के लिए)



यह देश पुरानी डिजाइन का एक घर है। आंगन में हवनकुंड है। जिसके चारों ओर उच्चस्तरीय ‘चाल-चेहरा-चरित्र’ युक्त मुट्ठीभर मेरिटोरियस बैठे हैं। पैदाइशी परोपजीवी। कुंड से धुआं उठ रहा है। लोहबान गमक रही है। आंगन की मुंडेर पर एक प्रेत बैठा है। प्रेत के पांव नहीं हैं, सिर भी नहीं है, केवल धड़ है। धड़ में भी बड़ा-सा उदर। उदर से ही वह सिर का काम लेता है। पेट ही उसका सर्वस्व है। पेट ही ‘मेरिट’ है,… Continue

Added by ravindra yadav on February 15, 2011 at 8:23pm — 6 Comments

Forum

Parivartan Rally.any taker !!!!!

Started by Raman Tiwari in Bihar. Last reply by ajay jha yesterday. 5 Replies

Like My Facebook Page By Rajeev Prasad Singh

Started by Rajeev Prasad Singh ( Bhalla ) in Bihar on Wednesday. 0 Replies

© 2013   Created by Shalu Sharma.

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service