March 2011 Blog Posts (137)

Special Friend

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Added by Ajay kumar jha on March 31, 2011 at 11:57pm — No Comments

Rosy

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Added by Ajay kumar jha on March 31, 2011 at 11:55pm — No Comments

क्या है सच्चा प्यार

क्या है सच्चा प्यार ? आओ सुनो एक कहानी



एक चिडिया को एक सफ़ेद गुलाब से प्यार हो गया , उसने गुलाब को प्रपोस किया ,

गुलाब ने जवाब दिया की जिस दिन मै लाल हो जाऊंगा उस दिन मै तुमसे प्यार करूँगा ,

जवाब सुनके चिडिया गुलाब के आस पास काँटों में लोटने लगी और उसके खून से गुलाब लाल हो गया,

ये देखके गुलाब ने भी उससे कहा की वो उससे प्यार करता है पर तब तक चिडिया मर चुकी थी



इसीलिए कहा गया है की सच्चे प्यार का कभी भी इम्तहान नहीं लेना चाहिए,

क्यूंकि सच्चा प्यार कभी… Continue

Added by Ajay kumar jha on March 31, 2011 at 11:42pm — 4 Comments

After wining the match

Munni hamari Badnam hai,

Shila hamari jawan hai..

Arey Afridi tum match jitege.

Jitne runs sachin banaye hai,

Utna Sq. FtToh tmhara pakistan hai....

 

 

(De ghuma ke, Ghuma ke.)

 

 I LOVE INDIA

Added by Ajay kumar jha on March 31, 2011 at 10:48pm — No Comments

Nitish ji, How long you will blame center?

Dear Nitish Ji,

 

Its more than 5 years you are complaining about center is not giving the money for the development. how long you are going to enjoy the post. As i know you could not spent the whole money which was given for MNAREGA. You have spent only 28 per cent of the money. One thing i do not understand if you think there is problem with the system, why do you not build infrastructure to implement the plan properly. You are saying you would not take land from the farmer…

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Added by binay pandit on March 31, 2011 at 6:23pm — 8 Comments

India & Pakistan

India our pakistan ke iss Khel me India ki jit ho gayi Lekin kaya hum fainal jit paayenge

Added by Sk Passport Service on March 31, 2011 at 1:52pm — No Comments

INDIA..............

BIG FIGHT…………….

BIG VECTORY…………………

BIG WIN…………….

CONG INDIAN TEAM………………….



Wish You Best of Luck..

Hope the same will happen in final on Saturday…

with support from all Indians….



Thanks and Congratulation to Indian Cricket Team and support of all indians… 

Thanks Thanks so much for the beautiful Victory……..



chak de India……

India rocks



gR8 victory for iNDIA . Hats off to the team

now we just have 2…
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Added by HIMANSHU GARG on March 31, 2011 at 12:50am — 1 Comment

ABOUT LAGUAGE

It is our great mistake to consider our mother tongue inferrior,we need to learn other languages, but it is also very neccesary to be aware of the importance of our "MOTHER TONGUE" (HINDI ,BHOJPURI...).so,plz keep in mind. BADE LOGO KE SATH RAHNA ACHHA HAI LEKIN APNE LOGO KE SATH JUDE RAHNA AUR BHI ACHHI BAAT HAI. 

Added by Er.Mrigendra Pratap Dwivedi on March 30, 2011 at 6:16pm — 2 Comments

HI FRNDS........

HI..........AUVRU SAB THIK THAK BA NU..........

Added by Mintu kumar Thakur on March 29, 2011 at 11:25pm — No Comments

HI

सूरज के सामने रात नहीं होती,
सितारों से दिल की बात नहीं होती.
जिन दोस्तों को हम दिलसे चाहते है,
न जाने क्यों उनसे रोज़ मुलाकात नहीं होती...........................

 

 

ok

bye

Take care friends...........

 

Added by ABHISHEK KUMAR ARJUN on March 29, 2011 at 9:00pm — No Comments

जीत जाएंगे हम...

SYED ASIFIMAM KAKVI

29/03/2011

वो गिरते हैं, उठते हैं. रोते हैं, हंसते हैं. जीतते हैं, तो हारेंगे भी. यह उनकी गलती नहीं कि 110 करोड़ की आबादी में वो बस 11 ही हैं. टीमें बदल गयीं. खिलाडी बदल गए. दौर बदल गया, पर 'जीते तो ताली, हारे तो गाली' का दस्तूर नहीं बदला.  

 हम सब एक से ही तो हैं. दिल से टीम इंडिया के फैन. भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल से पहले  मोहाली के पीसीए स्टेडियम पर विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में बुधवार को जब भारत और पाकिस्तान…

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Added by syed asifimam kakvi on March 29, 2011 at 8:26pm — 5 Comments

प्रेम अनेक आ कि प्रेम एक?

कहिया सऽ जीवनक क्षण याद अछि? मायके कोरा मोंन अछि? बच्चामें जखन नटखट रही आ बाबा कोरा में लैते देरी हुनकर नाक नोंचि लैत छलियैन तहिया के गप मोंन अछि? स्कूलमें जे बालसखा-सखि सभ संग ओ खेल आ पढाई के समय छल से याद अछि? तदोपरान्त जीवनके बढैत उमर संग जे अपन जोड़ी ताकय लेल सपना देखैत रही से मोंन पड़ैछ? आ, जखन कनियां भेली आ द्विरागमन धरि हुनकासँ दूर रहय पड़ल तखनका गप सभ मोंन अछि? तेकर बाद धिया-पुता-नेना-भुटका सभ संग भेल आ हुनका लोकनिक प्रेम मोंन अछि? ...



एवम्‌ प्रकारेन्‌… Continue

Added by Madhab Jha on March 29, 2011 at 12:36pm — 1 Comment

हमरा बिसैर गेलौं

हमरा स की भूल भेलई जे अहाँ हमरा बिसैर गेलौं,

सब केर प्रीतम गाम येलई अहाँ किया नए येलों,

यौ पिया अहाँ हमरा बिसैर गेलौं...........................२



अहाँ के कोना बिसरबई धनि अहीं छि हमर जान,

अहाँ के जौं बिसरबई त निकेल जेतई हमर प्राण,

ये धनि अहांके कोना बिसरबई ...........................२



सावन वितल भादो वितल,वितल पूस माघ क जारा,

मईर… Continue

Added by Madhab Jha on March 29, 2011 at 12:35pm — No Comments

सजनी!

कहब एक बात सजनी! हृदयके राग सजनी!!

मनक ओ वात सजनी!! संगक मनसाय सजनी!!



भोरे उठैते देखलहुँ, अहींकेर बाट सजनी

रातियो सुतैते देखलहुँ, अहींकेर ठाठ सजनी!



राखिके मानस-पटलपर, सुन्दर रुमाल सजनी!

बिसरि नै सकै छी हमहुँ, रंगल ओ गाल सजनी!!



आनोमें केखनहु तकलहुँ, अहींके ओ चाल सजनी!

नीको जे लागय हमरा, अहींके कमाल… Continue

Added by Madhab Jha on March 29, 2011 at 12:32pm — No Comments

हम अहाकप्रेम दीवाना

हम अहाकप्रेम दीवाना अहिं स:प्रीत करैत छी,

सुतैत जगैत उठैत बैसैत अहींक नाम रतैत छी ,

ऐसजनी अहींक नाम रतैत छी .....................२



हम अहाँक प्रेम दीवानी अहिं स:प्रीत करैत छी,

जखन तखन सद्खन सजना अहींक याद करैत छी,

ययौ सजाना अहिं के याद करैत छी.....................२



रोज रोज हम लिखैत छी अपन प्रेम कहानी के पोथी ,

अहाँ विन तडपैछी जेना… Continue

Added by Madhab Jha on March 29, 2011 at 12:30pm — No Comments

बुझियोक मिथिला छैक ...

देहरी के टांट पर जौं पानक लत्ती होए

ते बुझियोक मिथिला छैक...

दलानक मचान पर जौं तिलकोकर छत्ती होए

ते बुझियोक मिथिला छैक...



जतेय मैटक करेज सों वैदेही जनमैय ये

जतेय याज्ञवल्क्य कमंडल से अमृत छाल्कैत ये,



पान-मखान से पाहुँनक स्वागत होए

ते बुझियोक मिथिला छैक...

गामक गोप से जौं मधुर छलके

ते बुझियोक… Continue

Added by Madhab Kumar Jha on March 29, 2011 at 12:26pm — No Comments

पेट किया जरैत

पेट किया जरैत

जाईछी परदेश धनि छोइडक अपन देस,

भेजब कमाके धन रुपैया मीठमीठ सनेश,



जग केर रित सजनी आब अहाँ जानु,

जिनगीके चौबटिया पर येना नए कानु ,



प्रीत स जौं चलैत जिनगी त पेट किया जरैत,

अन्न विन दुनियां में लोग किया मरैत,



अहाँ विन सजनी हम जिव नए सकैत छी,

मुदा भूखे जौ पेट जरत त प्रीतो नए सुहाय्त,



गरीव भक जन्म लेलौ अई पत्थर के संसार में,

जिनगीक नाव अटकल रहिगेल मजधार में,



हम नाव बनब अहाँ पतवार बनू,संग संग चलू,

हम नवका…

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Added by Madhab Kumar Jha on March 29, 2011 at 12:23pm — No Comments

एकटा पत्र छोटका भाय के नाम......

सुने रे रानू लिखेय छौ भानु

हमर हाल छौ उत्तम,

तोहर हाल के हम नै जानी

भला करउ पुरुषोत्तम।



अपन गाम में छुटी गेलों ये,

हमर एकटा अंगा

ओ अंगा के कका लगाय के,

पठा दिए दरभंगा।



बड़की भौजी से तू कहिये

याद बहुत आबय ये,

हुनकर चक्का,सैजमन, आ तिलकौर

बड़ा भावय ये।



माय से कहिये कानय ले नै

पूरा हेतय ईक्षा,

जल्दी हमहूँ बीडीओ बनबइ

पास करय दे परीक्षा।



मिरिया माय के हाल तू हमरा

सेहो अलग से बतहिये,

कनकिरबा कतबा टा… Continue

Added by Madhab Kumar Jha on March 29, 2011 at 12:21pm — No Comments

मैथिलि अकादमी

मैथिलि अकादमी, (पटना) के सोजन्य स २७ अप्रैल २०११ क कालिदास महाविद्यालय उचैठ(दुर्गास्थान), बेनीपट्टी,मधुबनी (बिहार) के पवन भूमि पर विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन अकादमी के अध्यक्ष मिथिला के चर्चित रचनाकार, कलाकार, संचालक, आ मैथिल प्रेमी श्री कमलाकांत झा (फोन न.०९४३१२५३६६०)के नेतृत्व में कायल जा रहल आइछ, मात्र १ वर्ख में अखन तक मैथिलि अकादमी पटना द्वारा मैथिलि के बहुत राश विलुप्त पुष्तक पुष्तिका के प्रकाशन, मैथिलि धरोहर नाटकक मंचन, पुष्तक मेला के आयोजन, अवं बहुत राश सांस्कृतिक… Continue

Added by Madhab Kumar Jha on March 29, 2011 at 12:19pm — No Comments

नीक परंपरा वा प्रथाके संरक्षण कोना?

आउ, स्मरण करी अपन पुरखा के पहिले, प्रणाम करी हुनक महान्‌ आत्माकेँ पहिने। किछु अति आवश्यक कार्य करय हेतु हुनका लोकनिक सांगठनिक व्यवहार जे आइयो हमरा सभक लेल तेतबा आवश्यक अछि - ताहिके ‘नीक परंपरा वा प्रथा’के शीर्षक दैत हम एहि सूत्रपर अपने लोकनिसँ एकर संरक्षण हेतु उपायके विचार माँगि रहल छी।



अध्ययन सँ पता चलैछ जे पुरखा पोखरि खुनाबैत छलाह जे स्नान-ध्यान-कपड़ा-लत्ता-सर-सफाई आदिक लेल समग्र समाज हेतु कल्याणकारी पोखरि पानिक प्रमुख स्रोत छल। एतेक तक जे घरमें सीधा लगैत छल… Continue

Added by Madhab Kumar Jha on March 29, 2011 at 12:17pm — No Comments

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