Tu Mile Dil Khile Aur Jeene Ko Kya Chaahiye
सिलसिला टूटा तो बनकर दास्ताँ रह जाएगा ख्वाहिशों का मिटके भी कुछ तो निशाँ रह जाएगा हाँ, मैं तुझसे हूँ, मगर मेरा भी है अपना वजूद पत्ते गिर जायेंगे तो, साया कहाँ रह जाएगा दर्द की खातिर है दिल, और…
कैसी बस्ती है ये कैसा है नगर परदेसी 'अपना' कहती है ज़बां, और नज़र 'परदेसी' देके सींचेगा जिन्हें खूने-जिगर, परदेसी छांव मांगेगा, नहीं देंगे शजर परदेसी रख ज़माने की निगाहों पे नज़र परदेसी सीख परदेस…

