Name :- Kisan Baburao Hazare
Father's :- Baburao Hazare
Mother,s:-Laxmibai Hazare
Bron :- 15 june 1938
Website: http://www.indiaagainstcorruption.org/
Location: India
Members: 6
Latest Activity: Mar 28
आजाद भारत के गांधी अन्ना हजारे - Anna Hazare Profile
नाम - किसन बाबुराव हजारे
जन्म - 15 जून 1938
महाराष्ट्र के अहमद नगर के भिंगर गावं
पिता - बाबुराव हजारे
माता - लक्ष्मीबाई हजारे
राष्ट्रीयता - भारतीय
छोटी सी कद काठी और हाथ में लाठी लिए आजकल भ्रष्टाचार के खिलाफ और इससे निपटने के लिए सख्त लोकपाल विधेयक की मांग कर अनशन पे बैठने वाले अन्ना हजारे को सभी जानते हैं लेकिन यह जनकारी सिर्फ इसलिए है क्योंकि वह आज देश के संसद के कुछ दूरी पर एक ऐसी मांग के लिए अनशन पर बैठे हैं जिससे हो सकता है देश की तकदीर संवर जाए, भ्रष्टाचार की दीमक का इलाज हो सके.
अन्ना हजारे गांधीवादी विचारधारा पर चलने वाले एक समाजसेवक हैं जो किसी राजनितिक पार्टी की जगह स्वतंत्र रूप से काम करते हैं. अन्ना हजारे का वास्तविक नाम डॉ.किसन बाबूराव हजारे हैं. 15 जून 1938 को महाराष्ट्र के अहमद नगर के भिंगर कस्बे में जन्म हुआ, उनके पिता का नाम बाबूराव हजारे और माँ का नाम लक्ष्मीबाई हजारे हैं,अन्ना हजारे का बचपन बहुत गरीबी में गुजरा. पिता मजदूर थे,दादा फौज में थे. अन्ना हजारे के छह भाई हैं. दादा की पोस्टिंग भींगनगर में थी. अन्ना का पुश्तैनी गांव अहमद नगर जिले में स्थित रालेगन सिद्धि में था. दादा की मौत के सात साल बाद अन्ना का परिवार रालेगन आ गया.
अन्ना हजारे का बचपन बेहद गरीबी में बिता. उनके परिवार की गरीबी को देख कर अन्ना हजारे की बुआ उन्हें अपने साथ मुंबई ले गईं. अन्ना हजारे ने मुंबई में सातवीं तक पढ़ाई की ! परिवार पर कष्टों का बोझ देखकर वह दादर स्टेशन के बहार एक फूल बेचनेवाले की दुकान में 40 रूपये की पगार में काम करने लगे और इसके बाद उन्होंने फूलों की अपनी दुकान खोल ली और अपने दो भाइयों को भी रालेगन से बुला लिया !. साठ के दशक में अन्ना ने भी अपने दादा की तरह फौज में भर्ती ली और बतौर ड्राईवर पंजाब में काम किया. फौज में काम करते हुए अन्ना पाकिस्तानी हमलों से बाल-बाल बचे थे.
इसी दौरान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से उन्होंने विवेकानंद की पुस्तक 'कॉल टू द यूथ फॉर नेशन'खरीदी और उसको पढ़ने के बाद उन्होंने अपनी जिंदगी समाज को समर्पित कर दी. उन्होंने गांधी और विनोबा को भी पुस्तक पढ़ा और उनके शब्दों को अपने जीवन में ढाल लिया. अन्ना हजारे ने इसके बाद 1970 में आजीवन अविवाहित रहने का निश्चय किया. 1975 में उन्होंने फौज की नौकरी से विआरएस ले लिया और गांव में जाकर बस गए.
अन्ना हजारे का मानना था की देश की असली ताकत गांवों में है और इसलिए उन्होंने गांवों में विकास की लहर लाने के लिए मोर्चा खोल दिया. यहां तक की उन्होंने खुद अपनी पुस्तैनी वाली जमीन स्कूली बच्चों के लिए दे दी. अन्ना हजारे का आज भी पेंशन का पैसा उनके गावं के विकास के लिए खर्च होता हैं.
यहीं अन्ना हजारे रह रहे हैं
अन्ना हजारे ने 1975 से सूखा प्रभावित रालेगांव सिद्धि में काम शुरू किया. वर्षा जल संग्रह, सौर ऊर्जा, बायो गैस का प्रयोग और पवन ऊर्जा के उपयोग से गावं को स्वावलंबी और समृद्ध बना दिया. यह गावं विश्व के अन्य समुदायों के लिए आदर्श बन गया है.
1998 में अन्ना हजारे उस समय अत्यधिक चर्चा में आ गए थे जब उन्होंने बीजेपी-शिवसेना वाली सर्कार के दो नेतओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आवाज उठाई थी. और इसी तरह 2005 में अन्ना हजारे ने कांग्रेस सरकार को उसके चार भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए प्रेशर डाला था. अन्ना की कार्यशैली बिलकुल गांधी जी की तरह है जो शांत रहकर भी भ्रष्टाचारियों पर जोरदार प्रहार करती है.
अन्ना हजारे की समाजसेवा और समाज कल्याण के कार्य को देखते हुए सर्कार ने उन्हें 1990 में पद्मश्री से सम्मानित किया था और 1992 में उन्हें पद्मविभूषण से भी सम्मानित किया जा चूका है.
लोकपाल विधेयक आंदोलन ......2011
जन लोकपाल विदेयक के निर्माण के लिए जरी यह आंदोलन अपने अखिल भारतीय स्वरुप में 5 अप्रैल 2011 को समाजसेवी अन्ना हजारे एवं उनके साथियों के जंतर-मंतर पर शुरू किए गए अनशन के साथ आरंभ हुआ,जिनमे मैग्सेसे पुरस्कार विजेता अरविंद केजरीवाल, भारत की पहली महिला प्रशाशनिक अधिकारी किरण बेदी, प्रसिद्ध लोकधर्मी वकील प्रशांत भूषण, पतंजलि योगपीठ के संस्थापक बाबा रामदेव आदि शामिल थे ! संचार साधनों के प्रभाव के कारन इस अनशन का प्रभाव समूचे भारत में फैल गया और इसके समर्थन में लोग सड़को पर उतरने लगे ! इन्होने भारत सरकार से एक मजबूत भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल विधेयक बनाने की माँग की थी ! किंतु मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने इसके प्रति नकारात्मक रवैया दिखाया और इसकी उपेक्षा की ! इसके परिणामस्वरूप शुरू हुए अनशन के प्रति भी उनका रवैया उपेक्षा पूर्ण ही रहा ! किंतु इस अनशन के आंदोलन का रूप लेने पर भारत सरकार ने आनन-फानन में एक समिति बनाकर संभावित खतरे को टाला और 16 अगस्त तक संसद में लोकपाल विधेयक पास करने की स्वीकार कर ली ! अगस्त से शुरू हुए मानसून सत्र में सरकार ने जो विधेयक प्रस्तुत किया वह कमजोर और जन लोकपाल के सर्वथा विपरीत था ! अन्ना हजारे ने इसके खिलाफ अपने पूर्व घोषित तिथि 16 अगस्त से पुनः अनशन पर जाने की बात दुहराई !
16 अगस्त को सुबह साढ़े सात बजे जब वे अनशन पर जाने के लिए तैयारी कर रहे थे, उन्हें दिल्ली पुलिस ने घर से ही गिरफ्तार कर लिया ! उनके टीम के अन्य लोग भी गिरफ्तार कर लिए गए ! इस खबर ने आम जनता को उद्धेलित कर दिया और वह सड़कों पर उतारकर सरकार के इस कदम का अहिंसात्मक प्रतिरोध करने लगी ! दिल्ली पुलिस ने अन्ना को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया ! अन्ना ने रिहा किए जाने पर दिल्ली से बहार रालेगांव सिद्धि चले जाने या 3 दिन तक अनशन करने की बात अस्वीकार कर दी ! उन्हें 7 दिनों के न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया ! शाम तक देशव्यापी प्रदर्शनों की खबर ने सरकार को अपना कदम वापस खिचने पर मजबूर कर दिया ! दिल्ली पुलिस ने अन्ना को सशर्त रिहा करने का आदेश जरी किया ! मगर अन्ना अनशन जरी रखने पर दृढ थे ! बिना किसी शर्त के अनशन करने की अनुमति तक उन्होंने रिहा होने से इंकार कर दिया ! 17 अगस्त तक देश में अन्ना के समर्थन में प्रदर्शन होता रहा !
दिल्ली में तिहाड़ जेल के बहार हजारों लोग डेरा डाले रहे ! 17 अगस्त को इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक प्रदर्शन चलता रहा ! कुछ इस तरह !
इंडिया गेट से जंतर-मंतर
17 अगस्त की शाम तक दिल्ली पुलिस ने रामलीला मैदान में और 7 दिनों तक अनशन करने की इजाजत देने को तैयार हुई ! मगर अन्ना ने 30 दिनों से कम अनशन करने की अनुमति लेने से मन कर दिया !उन्होंने जेल में ही अपना अनशन जरी रखा ! बाद में जाकर दिल्ली पुलिस ने अन्ना जी को अनशन करने के लिए रामलीला मैदान में 15 दिनों की अनुमति दे ही दी !
रामलीला मैदान
Vande Mataram
Jai Hind Jai Bharat
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Comment by UDAY KUMAR ROY on August 24, 2011 at 9:55pm 




Posted by SANDEEP DUBEY PRESIDENT ACFJD(U) on May 31, 2012 at 8:15pm 0 Comments 0 Likes
Posted by Mukesh Singh on May 31, 2012 at 4:35pm 7 Comments 0 Likes
Posted by Sunil Kumar on May 31, 2012 at 12:29pm 1 Comment 0 Likes
Posted by Samvad HIV/AIDs helpline on May 31, 2012 at 12:10pm 0 Comments 0 Likes
Posted by Sunil Kumar on May 31, 2012 at 12:03pm 3 Comments 0 Likes
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