आज कल लगता है की लोगो को हमेशा सुर्ख़ियों में रहना ज्यादा अच्छा लगता हैं | अब जनाब बाला साहेब ठाकरे की ही पार्टी को लीजिये बात समझ में आ ही जायेगा | क्या तमाशा हो रहा है देश की आर्थिक राजधानी में यह हम सब तमाशाबीन की तरह देख रहें हैं | हम कर भी क्या सकते हैं मेरे दिमाग में एक बात कौंध रही है आखिर कारण क्या है इसका ? इतना तो शोले का गब्बर भी जुल्म नहीं ढाता था ,मैं अपने लहजे में इसको बयां कर रहा हूँ कुछ प्रश्न - उत्तर के तरीके से -:
प्रश्न - बाला साहेब आज कल आप लोग फ़िल्मी दुनिया पर लगें हुए हैं इसका कारण ?
बाला साहेब - देखिये आज कल हमारे पास कोई मुद्दा है ही नहीं हम क्या कर सकते हैं | कुछ दिन पहले कहे की ऑस्ट्रेलिया अगर भारत आएगा खलने के लिए तो हम इसे सहन नहीं कर सकेंगे ,पर यह नारा हमारा फ्लॉप चला गया हम करें तो क्या करें ?किसी तरह तो अपनी जगह बनानी है |
प्रश्न -तो इसका मतलब हुआ की आप अपने को जनता में बनाने रखने के लिए ऐसा कर रहें हैं ?
ठाकरे - आप लोग तो सब जानते ही हैं क्या क्या नहीं करना पड़ता है अपनी साख बचने के लिए ?
प्रश्न - आजकल आपलोग शाहरुख़ खान के पीछे लगे हुए हैं क्या कारण है ?
ठाकरे - देखिये हम तो किसी मुद्दे की तलाश में थे तभी इस खान ने कुछ कह दिया ,हमें तो बैठे -बिठाये मुद्दा मिल गया तो हमने भी जोर पकड़ ली ? देखिये एक बात तो आपलोगों से छिपी नहीं ही है की फिर हम लोग एक ही है बॉलीवुड के लोग चुनाव के समय भी हमारा मदद करतें है और अगर वो कुछ कहतें है तो लोकप्रियता और भी बढती है | अब कुछ समझ में आया |
प्रश्न - अच्छा साहेब यह बताइए की आप लोगो ने कुछ दिन पहले लोकमत चैनल में घुस कर भी तोड़ फोड़ की थी ? इसकी क्या वजह थी ?
ठाकरे - आप तो जान ही रहें है की हमारा जो भतीजा है राज ठाकरे
उसने हमारी नाक में दम कर दिया है | हमारा छत्र छाया में पला बढ़ा और आज हमें ही आँख दिखा रहा है | वैसे मुंबई के चुनावों में ख़राब प्रदर्शन के बाद हम और भी बौखलाए हुआ थे उस का ही नतीजा था यह हमला |
प्रश्न - अच्छा आप यह बताएं की आपकी अगली रणनीति क्या है ?
ठाकरे - देखिये आगे महानगरपालिका का चुनाव आने वाले है |और आप तो जान ही रहें है की पालिका का बजट कई हज़ार करोडो के आस पास होता है हम उसको कैसे छोड़ दें | क्या हर तरफ से हम निराशा ही मोल लें |
प्रश्न - आज बीजेपी भी आपसे गठबंधन के लिए सोच विचार कर रही है आप क्या मानते हैं ?
ठाकरे - देखिये ऐसी कोई बात नहीं है अरे आखिर हम दोनों तो एक ही चट्टे - बट्टे के लोग हैं | अरे कभी कभी तो ऐसी बात होती ही है | सुलह हो ही जाएगी |
प्रश्न - अच्छा साहब यह बतायिए की मुंबई में जो आतंकवादी घटनाये हुई है इसका समाधान कैसे कर सकते हैं ?
उत्तर - अच्छा यह बात पूछ रहें हैं | बस हम लोगो के हाथ में सत्ता दे दीजिये फिर देखिये कैसे सारे समस्याओ का समाधान निकलता हैं |हम तो एक चुटकी देंगे और समस्या हल |
प्रश्न - आपका लक्ष्य क्या रहता है अपने विरुद्ध के लोगो के लिए ?
ठाकरे - अरे ज्यादा कुछ नहीं आप तो जानतें ही हैं की हमारी एक ही नीति है जो तुम्हारे लिए परेशानी पैदा करे उसको मुंह तोड़ जबाब दो और हम तो शुरू से ही ऐसा करते आयें हैं |आज भी वैसा ही करेंगे |
प्रश्न - अच्छा ठाकरे जी आप यह बतायिए की आपकी उत्तर भारतियों को लेकर क्या राय हैं ?
उत्तर - सुनिए हमारी कोई स्पष्ट नीति अभी तक नहीं है हम तो सिर्फ एक ही नीति पर काम करें है | वो नीति हैं टाइम -टाइम पर देश के लोगो के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करना |और इसी फेरें में कभी दक्षिण भारतीय तो कभी उत्तर भारतीय निशाना बनतें हैं | हम तो सिर्फ यही जानते हैं की हम देश स्तर पर तो अपनी पार्टी बना नहीं सकते हैं किसी तरह मुंबई पर ही राज कर लें |
प्रश्न - आप पाकिस्तानियो का विरोध करतें हैं लेकिन आप जावेद मियांदाद के साथ पूरे परिवार को लेकर हँसते हुए फोटो खिचवातें हैं , यह समझ में नहीं आया |
उत्तर - अरे जनाब आप मीडिया में कैसे आ गएँ ये मुझे अभी तक मालूम नहीं चल पा रहा है | अरे मियांदाद तो बड़े लोगो में से एक हैं हम तो ज्यादातर छोटे लोगो को अपना निशाना बनातें हैं |
प्रश्न - आपलोगों ने अभी कुछ बड़े लोगो पर भी निशाना साधा हैं ?
ठाकरे - आप देख नहीं पा रहें हैं हमने मुकेश अंबानी को लेकर ज्यादा हो हल्ला नहीं किया ,अगर हम ऐसे लोगो को निशाना बनायेंगे तो हमारा हुक्का -पानी कैसे चलेगा | हम भी सोच समझ कर कम करतें हैं |
प्रश्न - अभी हाल ही में खबर आयी है की आपका दुर्ग कमजोर होता जा रहा हैं ?
ठाकरे - हाँ खबर तो मैं भी सुन रहा हूँ |लेकिन आप देख ही रहें हैं की हम अपनी दुर्ग बचाने की पूरी कोशिश में लगे हुए हैं लेकिन समय ही साथ नहीं दे रहा है | वैसे भी मैं अब थोडा कमजोर हो गया हूँ इसलिए कोई बात का ज्यादा असर नहीं पड़ता हैं आजकल |और राज भी अलग होकर टेंशन दे रहा हैं | अब तो राम ही मालिक | हिंदुत्व भी कारगर नहीं हो पा रहा हैं सूझ नहीं रहा है की क्या करूँ | अब तो आप लोगों का ही भरोसा है की हमारी खबर लगातार मीडिया में छापें ताकि हम लोगों की नजरों में दिखाई देते रहें |
हमसे बातचीत करने के लिए ठाकरे साहेब आपका बहुत- बहुत शुक्रिया |
ठाकरे - हाँ आपको भी ताकी आप हमारे यह प्रश्न -उत्तर जल्दी दे छाप दें और हमें जिन्दा रखें |
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Started by Amresh Rajput in Bihar yesterday. 0 Replies 0 Likes
Started by Raman Tiwari in Bihar. Last reply by ajay jha on Friday. 5 Replies 0 Likes
Posted by Suren Yadav on June 2, 2012 at 6:37pm 1 Comment 4 Likes
Posted by Gunjan Kumar on October 4, 2012 at 9:03am 2 Comments 1 Like
Posted by Gunjan Kumar on October 2, 2012 at 3:15pm 3 Comments 0 Likes
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